यूपी में धार्मिक स्थलों के पास मांस बिक्री पर सख्ती: अवैध बूचड़खानों पर योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई!
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में अवैध बूचड़खानों और धार्मिक स्थलों के आसपास मांस की बिक्री पर सख्त रुख अपनाते हुए कड़ा कदम उठाया है। सरकार ने धार्मिक स्थलों के 500 मीटर के दायरे में मांस की दुकानों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और सभी अनधिकृत बूचड़खानों को तत्काल बंद करने का आदेश जारी किया है। यह निर्णय धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने और अवैध पशु वध को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।
नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने इस संबंध में एक विस्तृत निर्देश जारी किया है, जिसमें सभी जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्तों, नगर आयुक्तों और स्थानीय अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। इस आदेश में 2014 और 2017 के पूर्व के सरकारी निर्देशों का भी हवाला दिया गया है, जिनका मकसद अवैध पशु वध पर रोक लगाना था। नए आदेश के तहत धार्मिक स्थलों, खासकर मंदिरों और अन्य पवित्र स्थानों के 500 मीटर के दायरे में किसी भी तरह का पशु वध या मांस बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित होगी।

इस नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला स्तर पर विशेष समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों की अध्यक्षता जिलाधिकारी करेंगे और इनमें पुलिस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पशुपालन विभाग, परिवहन विभाग, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अधिकारी शामिल होंगे। समितियों को बूचड़खानों का गहन निरीक्षण करने, दैनिक पशु वध के आंकड़े जुटाने और किसी भी तरह के उल्लंघन की स्थिति में राज्य सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है।
आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह कार्रवाई यूपी नगर निगम अधिनियम 1959, खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 और 2011 के प्रावधानों के तहत की जा रही है। इसके तहत धार्मिक स्थलों के आसपास पशु वध और मांस बिक्री को सख्ती से रोका जाएगा। साथ ही, आगामी राम नवमी के पर्व को ध्यान में रखते हुए विशेष निर्देश दिए गए हैं। 6 अप्रैल 2025 को राम नवमी के दिन पूरे राज्य में पशु वध और मांस की बिक्री पर पूर्ण रोक रहेगी। इस दौरान सभी मांस की दुकानें बंद रहेंगी और किसी भी तरह का पशु वध नहीं होगा।
सरकार ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। प्रासंगिक कानूनों और नियमों के तहत दोषियों पर जुर्माना, दुकान सील करने और कानूनी कार्रवाई जैसे कदम उठाए जाएंगे। इस कदम का उद्देश्य धार्मिक स्थलों की पवित्रता को बनाए रखना और अवैध बूचड़खानों से होने वाले पर्यावरण प्रदूषण और स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना है।
यह कार्रवाई योगी सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जो धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था को मजबूत करने पर केंद्रित है। इस फैसले से जहां धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, वहीं अवैध बूचड़खानों पर नकेल कसने से राज्य में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
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