गर्मीने बढ़ाई बिजली की मांग, यूपी में 22,000 मेगावाट का रिकॉर्ड
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अप्रैल की शुरुआत में ही पड़ रही भीषण गर्मी ने बिजली की मांग को अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दिया है। बढ़ते तापमान के बीच राज्य में बिजली की खपत 22,000 मेगावाट के आंकड़े को पार कर गई है, जो पिछले कई वर्षों में अप्रैल महीने के लिए सबसे अधिक है। गर्मी की तपिश से परेशान लोग कूलर, पंखे और एयर कंडीशनर का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसके चलते बिजली विभाग पर आपूर्ति बनाए रखने का दबाव बढ़ गया है।
उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के अधिकारियों के अनुसार, यह मांग पिछले साल की समान अवधि की तुलना में लगभग 15-20% अधिक है। लखनऊ, कानपुर, आगरा और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों में बिजली की खपत में सबसे ज्यादा उछाल देखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थिति अलग नहीं है, जहां सिंचाई और घरेलू उपयोग के लिए बिजली की जरूरत बढ़ गई है। यूपीपीसीएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “तापमान में अचानक आई तेजी ने मांग को अप्रत्याशित रूप से बढ़ा दिया है। हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि आपूर्ति में कोई कमी न आए।”

इस बीच, राज्य सरकार ने बिजली संकट से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था के लिए पड़ोसी राज्यों और केंद्रीय पूल से आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा, कोयला आधारित बिजली संयंत्रों को पूर्ण क्षमता से चलाने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, कई इलाकों से बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे जनता में असंतोष बढ़ रहा है। लखनऊ के गोमती नगर इलाके के निवासी रमेश यादव ने कहा, “दिन में चार-पांच घंटे बिजली गायब रहती है। गर्मी में यह हाल है तो आगे क्या होगा?”
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे बिजली की मांग में और इजाफा होने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया तो ग्रिड पर दबाव बढ़ सकता है, जिसके परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर ब्लैकआउट की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। बिजली विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे ऊर्जा संरक्षण के लिए अनावश्यक उपकरणों का उपयोग कम करें और दिन के समय बिजली की खपत को नियंत्रित करें।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने दावा किया कि सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है और किसी भी संकट से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता है कि हर घर तक निर्बाध बिजली पहुंचे। इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।” लेकिन विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधते हुए बिजली प्रबंधन में लापरवाही का आरोप लगाया है। समाजवादी पार्टी ने इसे सरकार की विफलता करार देते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में जनता को परेशान होना पड़ रहा है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सरकार इस बढ़ती मांग को पूरा कर पाती है या गर्मी के साथ-साथ बिजली संकट भी राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाता है।
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