लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और धार्मिक नगरी अयोध्या के बीच यात्रा को आसान और तेज बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया गया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने लखनऊ से अयोध्या तक प्रस्तावित 60 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड के लिए सर्वे का काम पूरा कर लिया है। इस परियोजना के तहत बनने वाला यह एलिवेटेड रोड न केवल यात्रा के समय को कम करेगा, बल्कि दोनों शहरों के बीच कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा। इस परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह है, क्योंकि इससे न सिर्फ तीर्थयात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
एलडीए के अधिकारियों के अनुसार, यह एलिवेटेड रोड लखनऊ के सुल्तानपुर रोड से शुरू होगा और अयोध्या के बाहरी इलाकों तक पहुंचेगा। इस रोड की कुल लंबाई 60 किलोमीटर होगी और इसे चार लेन का बनाया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत 5000 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। इस रोड के बनने से लखनऊ से अयोध्या तक का सफर, जो अभी सड़क मार्ग से लगभग डेढ़ से दो घंटे का है, मात्र 45 मिनट में पूरा हो सकेगा। यह रोड खास तौर पर उन तीर्थयात्रियों के लिए वरदान साबित होगा जो अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन के लिए आते हैं।

इस परियोजना की खासियत यह है कि यह एलिवेटेड रोड मौजूदा सड़क के ऊपर बनाया जाएगा, जिससे नीचे की सड़क पर ट्रैफिक प्रभावित नहीं होगा। साथ ही, इस रोड पर कई जगहों पर प्रवेश और निकास पॉइंट होंगे, ताकि स्थानीय लोग भी इसका आसानी से उपयोग कर सकें। एलडीए ने बताया कि सर्वे के दौरान जमीन अधिग्रहण, पर्यावरणीय प्रभाव और तकनीकी पहलुओं का गहन अध्ययन किया गया है। सर्वे की रिपोर्ट अब राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके बाद परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस परियोजना को लेकर अयोध्या के एक तीर्थयात्री राम प्रसाद ने कहा, “लखनऊ से अयोध्या का सफर अभी ट्रैफिक की वजह से काफी समय लेता है। अगर यह एलिवेटेड रोड बन जाता है, तो हमारा समय बचेगा और यात्रा भी सुरक्षित होगी।” वहीं, लखनऊ के एक व्यापारी अनिल कुमार ने बताया कि इस रोड के बनने से अयोध्या और लखनऊ के बीच व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। “अयोध्या में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस रोड से माल ढुलाई में भी आसानी होगी,” उन्होंने कहा।
हाल के वर्षों में अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद वहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। खास तौर पर राम नवमी और दीपोत्सव जैसे अवसरों पर अयोध्या में लाखों लोग पहुंचते हैं। ऐसे में लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। इस एलिवेटेड रोड के बनने से न केवल ट्रैफिक की समस्या हल होगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
एलडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस परियोजना को जल्द से जल्द शुरू करने के लिए सरकार से मंजूरी का इंतजार है।

“हमारा लक्ष्य है कि अगले कुछ महीनों में इस परियोजना का शिलान्यास हो और 2027 तक यह रोड बनकर तैयार हो जाए,” उन्होंने कहा। इस परियोजना को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए भी कई कदम उठाए जा रहे हैं, जैसे कि रोड के किनारे हरियाली विकसित करना और बारिश के पानी के संचयन की व्यवस्था करना।
इसके अलावा, यह परियोजना क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा देगी। लखनऊ और अयोध्या के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से दोनों शहरों के बीच आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इस परियोजना को लेकर सरकार और स्थानीय प्रशासन दोनों ही प्रतिबद्ध दिखाई दे रहे हैं।
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