” ICCC के जरिए नोएडा पर नजर, योगी सरकार लाएगी सुरक्षा में क्रांति”
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने नोएडा को एक सुरक्षित शहर के रूप में स्थापित करने के लिए महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है। इस परियोजना के तहत 208.47 करोड़ रुपये की लागत से नोएडा को “सेफ सिटी” बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना का मुख्य आकर्षण इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) होगा, जो आधुनिक तकनीक से लैस होकर शहर की निगरानी करेगा। यह परियोजना न केवल नोएडा के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के अन्य शहरों के लिए भी एक मॉडल के रूप में काम करेगी।
योगी सरकार की इस पहल के तहत नोएडा को छह चरणों में सुरक्षित बनाने की योजना तैयार की गई है। पहले चरण में शहर के सभी थानों को ICCC से जोड़ा जाएगा, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली में तेजी आएगी और अपराधों पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी। इसके अलावा, शहर भर में लगे CCTV कैमरों को इस सेंटर से जोड़कर हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। ट्रैफिक प्रबंधन को भी इस सिस्टम का हिस्सा बनाया जाएगा, ताकि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तत्काल कार्रवाई हो सके और जाम की समस्या से निजात मिले।
नोएडा, जो दिल्ली-एनसीआर का एक प्रमुख औद्योगिक और आवासीय केंद्र है, में पिछले कुछ वर्षों में अपराध और यातायात संबंधी चुनौतियां बढ़ी हैं। इस परियोजना के जरिए सरकार का मकसद इन समस्याओं से निपटना और निवासियों को सुरक्षित माहौल प्रदान करना है। अधिकारियों के मुताबिक, ICCC में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा, जिसमें रियल-टाइम डेटा एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्रोन निगरानी जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इससे न केवल अपराधों की रोकथाम होगी, बल्कि आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया भी सुनिश्चित की जा सकेगी।

इस योजना की घोषणा के बाद नोएडा के निवासियों और उद्यमियों में उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कदम शहर को न केवल सुरक्षित बनाएगा, बल्कि इसके आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा। एक निवासी ने कहा, “अगर CCTV और पुलिस की निगरानी बढ़ेगी, तो हम रात में भी बिना डर के बाहर निकल सकेंगे। यह हमारे लिए बड़ी राहत की बात है।” वहीं, व्यापारियों का मानना है कि बेहतर सुरक्षा व्यवस्था से नोएडा में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।
योगी सरकार ने इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हमारा लक्ष्य उत्तर प्रदेश को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाना है। नोएडा में शुरू होने वाली यह परियोजना पूरे राज्य के लिए एक उदाहरण बनेगी।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि तकनीक के इस्तेमाल से न केवल अपराध कम होंगे, बल्कि पुलिस बल की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।
यह परियोजना 2023 में शुरू हुई थी और इसके विभिन्न चरणों को अगले कुछ वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना सफल होती है, तो नोएडा देश के सबसे सुरक्षित शहरों में शुमार हो सकता है। साथ ही, यह अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।
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