लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) की महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ लखनऊ में प्रदर्शन करने के बाद उनके और उनकी सहयोगी महिला नेताओं के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। यह घटना मंगलवार को हजरतगंज के गांधी प्रतिमा स्थल पर हुई, जहां सपा की महिला नेताओं ने काली पट्टी बांधकर धरना दिया था। पुलिस ने जूही सिंह के साथ-साथ सुमैया राणा, पायल किन्नर और 20-25 अन्य अज्ञात महिला नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है। इस कार्रवाई ने उत्तर प्रदेश की सियासत में नया तनाव पैदा कर दिया है।
प्रदर्शन की वजह दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी थी। सपा महिला सभा ने इसे लेकर कड़ा रुख अपनाया और लखनऊ के हजरतगंज स्थित जीपीओ पर विरोध जताने का फैसला किया। प्रदर्शन के दौरान जूही सिंह ने कहा, “रेखा गुप्ता ने हमारे नेता के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है, जो निंदनीय है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।” प्रदर्शनकारियों ने रेखा गुप्ता के खिलाफ नारेबाजी की और उनकी टिप्पणी की निंदा करते हुए माफी की मांग की।

हालांकि, यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण नहीं रहा। पुलिस का कहना है कि धरने के लिए प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई थी, और यह हजरतगंज जैसे व्यस्त इलाके में यातायात और कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन गया था। पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की, लेकिन जब प्रदर्शनकारी नहीं माने, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। हजरतगंज थाने में जूही सिंह और अन्य के खिलाफ धारा 188 (लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने यह भी बताया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ नेताओं ने उत्तेजक नारे लगाए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया था।
जूही सिंह ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। उन्होंने कहा, “यह योगी सरकार की तानाशाही का नमूना है। हमारा प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, और हम अपने नेता के सम्मान की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरे थे। इसके जवाब में हमारे खिलाफ फर्जी मुकदमा थोपा गया है।” सपा नेताओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया और कहा कि वे इस अन्याय के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ेंगे।
दूसरी ओर, बीजेपी ने इस प्रदर्शन को सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश करार दिया। एक बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, “सपा का यह विरोध सिर्फ राजनीतिक ड्रामा है। अगर उन्हें कोई शिकायत थी, तो वे संवैधानिक तरीके से अपनी बात रख सकते थे। सड़क पर उतरकर अराजकता फैलाना उनकी पुरानी आदत है।” इस बीच, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उनके समर्थकों का कहना है कि सपा उनकी बढ़ती लोकप्रियता से बौखलाई हुई है।
यह घटना उत्तर प्रदेश में सपा और बीजेपी के बीच चल रही सियासी जंग को और तेज करने वाली साबित हो सकती है। जूही सिंह पहले भी अपने आक्रामक रुख और विवादास्पद बयानों के लिए चर्चा में रही हैं। अब इस FIR के बाद सपा नेतृत्व इस मुद्दे को बड़ा रूप देने की तैयारी में जुट गया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि कानून के मुताबिक कार्रवाई की गई है और जांच जारी रहेगी।
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