“मुर्शिदाबाद हिंसा पर विपक्ष की चुप्पी: योगी ने बंगाल की अराजकता पर उठाए सवाल, यूपी की बदली तस्वीर की सराहना”
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हाल ही में हुई हिंसा को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने विपक्षी दलों पर इस घटना पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया और इसे उनकी “वोटबैंक की राजनीति” का हिस्सा बताया। योगी ने मंगलवार को हरदोई में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 के विरोध में भड़की हिंसा ने वहां की कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है। उन्होंने ममता बनर्जी की सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वहां “अराजकता को बढ़ावा देने वालों को शांति दूत” कहा जा रहा है।
मुर्शिदाबाद में वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। इस हिंसा में 150 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बीजेपी ने दावा किया है कि 400 से अधिक हिंदुओं को अपने घर छोड़कर पलायन करना पड़ा। योगी ने इस हिंसा को “पूर्व नियोजित” करार देते हुए कहा कि यह लोकतंत्र और शासन पर हमला है। उन्होंने ममता बनर्जी की चुप्पी को “अक्षम्य” बताया और कहा कि उनकी सरकार ने “जिहादी तत्वों” को बढ़ावा दिया है, जिसके कारण बंगाल “आग में जल रहा है।”
योगी ने इस मौके पर केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन विधेयक की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने इस विधेयक के जरिए गरीबों की जमीन पर अवैध कब्जे को रोकने का ऐतिहासिक कदम उठाया है। इस विधेयक से अस्पताल, स्कूल और विश्वविद्यालय जैसी जनकल्याणकारी परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध होगी। उन्होंने दावा किया कि इस विधेयक से नाराज कुछ तत्व भ्रामक प्रचार के जरिए हिंसा भड़का रहे हैं।

उत्तर प्रदेश की स्थिति का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले आठ वर्षों में राज्य को माफिया और अपराध मुक्त बनाने में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा, “2017 से पहले यूपी में गुंडागर्दी और अराजकता का बोलबाला था। हमारी सरकार ने अपराधियों को सजा दी और कानून का राज स्थापित किया। आज यूपी में निवेशक आ रहे हैं, बेटियां सुरक्षित हैं और व्यापारी बिना डर के कारोबार कर रहे हैं।” उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग बंगाल में हिंसा पर चुप हैं, वे यूपी की प्रगति से भी जलते हैं।
योगी ने विपक्षी दलों पर दलित हिंदू समुदाय के विकास में रोड़े अटकाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, सपा और टीएमसी को दलितों का उत्थान पसंद नहीं, क्योंकि इससे उनकी “वोटबैंक की दुकान” बंद हो जाएगी। उन्होंने बीजेपी की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने दलितों और पिछड़ों को मुख्यधारा में लाने का काम किया है।
इस बीच, टीएमसी ने योगी के बयानों का जवाब देते हुए पलटवार किया। टीएमसी सांसद साकेत गोखले ने योगी को अपने राज्य की “अराजकता” पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने आगरा में हाल ही में एक सांसद के घर पर हुई हिंसा का जिक्र करते हुए योगी पर निशाना साधा। हालांकि, योगी ने अपने भाषण में स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ऐसी किसी भी अराजकता को बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।
मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर केंद्र सरकार भी सतर्क है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्थिति पर नजर रखने के लिए पश्चिम बंगाल के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया है। बीएसएफ की पांच कंपनियों को क्षेत्र में तैनात किया गया है, और इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं ताकि अफवाहों पर लगाम लगाई जा सके।
योगी ने अपनी बात को समाप्त करते हुए जनता से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। उन्होंने कहा कि यूपी की तरह बंगाल को भी सुशासन की जरूरत है, और इसके लिए ममता सरकार को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करना होगा।
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