डीसीपी सेंट्रल आशीष श्रीवास्तव के नेतृत्व में लखनऊ पुलिस की शानदार कार्रवाई
लखनऊ, 10 अप्रैल 2025: राजधानी लखनऊ में अपराध पर लगाम लगाने के लिए डीसीपी सेंट्रल तेज तर्रार आईपीएस आशीष श्रीवास्तव के नेतृत्व में गौतम पाली थाना पुलिस ने एक ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसने न सिर्फ चोरों के एक बड़े गैंग का पर्दाफाश किया, बल्कि शहर में चोरी की वारदातों से परेशान जनता को राहत की सांस भी दी। इस ऑपरेशन में पुलिस ने चोरी की एक गाड़ी, 23 मोबाइल फोन और 1650 रुपये नकद के साथ चार शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई न केवल पुलिस की सतर्कता और सूझबूझ का परिचय देती है, बल्कि डीसीपी सेंट्रल आशीष श्रीवास्तव की अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को भी रेखांकित करती है।
ऑपरेशन की शुरुआत: एक सूचना ने खोला राज
गौतम पाली थाना पुलिस को 6 अप्रैल 2025 को एक गुप्त सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध लोग एक चोरी की गाड़ी के साथ क्षेत्र में घूम रहे हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी सेंट्रल आशीष श्रीवास्तव ने तत्काल एक टीम गठित करने का निर्देश दिया। इस टीम में थाना प्रभारी गौतम पाली व एडिटम्स की सयुंक्त पुलिस टीम शामिल थी, जिसमें एसआई अवधेश कुमार, एसआई रिजवान, एसआई रिजु उर्फ रिजवान, और एसआई अजीम शामिल थे। डीसीपी सेंट्रल के सख्त निर्देश थे कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए और चोरी की घटनाओं पर तुरंत लगाम लगाई जाए।
चोरों का पीछा और गिरफ्तारी
पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर तुरंत कार्रवाई शुरू की। 10 अप्रैल 2025 को सुबह करीब 8:00 बजे पुलिस ने गौतम पाली क्षेत्र में एक संदिग्ध गाड़ी को देखा। गाड़ी की जांच करने पर पता चला कि यह वही गाड़ी है, जिसके बारे में सूचना मिली थी। गाड़ी में सवार चार लोग पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान अवधेश कुमार पुत्र सुकबन सिंह निवासी ग्राम हसनपुर थाना बल्ली जिला बागपत (उम्र 26 वर्ष), रिजवान पुत्र सलीम निवासी पुरवा फाजिल अली हसनपुर थाना गली धाना देहली गेट जिला मेरठ (उम्र 32 वर्ष), रिजु उर्फ रिजवान पुत्र मोहम्मद निवासी मेताब सलीम गली डोलकी मोहल्ला गंज परिया थाना कैंट जिला मेरठ (उम्र 30 वर्ष), और अजीम पुत्र तस्लीम निवासी चौबे बजरिया हसन वाली गली थाना रेलवे रोड जिला मेरठ (उम्र 34 वर्ष) के रूप में हुई।
बरामदगी : चोरी का सामान और गाड़ी

पुलिस ने इन अभियुक्तों के कब्जे से एक चोरी की गाड़ी (सैमसंग-जेड फोल्ड-6) बरामद की, जिसकी कीमत करीब 8,000 रुपये आंकी गई। इसके अलावा, 23 चोरी के मोबाइल फोन और 1650 रुपये नकद भी बरामद किए गए। पूछताछ में पता चला कि यह गैंग लंबे समय से लखनऊ और आसपास के इलाकों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। इनके पास से बरामद मोबाइल फोन में कई महंगे ब्रांड्स के फोन शामिल थे, जिन्हें ये चोरी करने के बाद सस्ते दामों पर बेचने की फिराक में थे।
डीसीपी सेंट्रल आशीष श्रीवास्तव का सख्त रवैया
डीसीपी सेंट्रल आशीष श्रीवास्तव ने इस कार्रवाई के बाद कहा, “लखनऊ में अपराध को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी टीम दिन-रात शहर की सुरक्षा के लिए तत्पर है। यह गिरफ्तारी इस बात का सबूत है कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, पुलिस की नजर से बच नहीं सकता।” उन्होंने गौतम पाली थाना पुलिस की इस सफलता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाइयां भविष्य में भी जारी रहेंगी ताकि शहर के नागरिक बिना किसी डर के रह सकें।
अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास

पूछताछ में पता चला कि ये चारों अभियुक्त पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं। अवधेश कुमार के खिलाफ बल्ली थाने में चोरी और डकैती के कई मामले दर्ज हैं। रिजवान और रिजु उर्फ रिजवान मेरठ में कई चोरी की वारदातों में वांछित थे, जबकि अजीम का भी आपराधिक रिकॉर्ड लंबा है। इनके खिलाफ धारा 318(4)/305/317(2) बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।
जनता में राहत की लहर
इस कार्रवाई के बाद गौतम पाली और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने कहा, “पिछले कुछ महीनों से चोरी की घटनाएं बढ़ गई थीं। मोबाइल और गाड़ी चोरी की वजह से लोग डरे हुए थे। पुलिस की इस कार्रवाई से हमें भरोसा हुआ है कि अब हम सुरक्षित हैं।” एक अन्य निवासी शालिनी वर्मा ने डीसीपी सेंट्रल आशीष श्रीवास्तव और उनकी टीम की तारीफ करते हुए कहा, “ऐसी सख्ती की जरूरत थी। अब चोरों में डर पैदा होगा।”
भविष्य की रणनीति

डीसीपी सेंट्रल आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि लखनऊ में अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता है कि शहर के हर कोने में सुरक्षा सुनिश्चित हो। इसके लिए हम नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं और गुप्त सूचनाओं के आधार पर त्वरित कार्रवाई कर रहे हैं।” उन्होंने जनता से भी अपील की कि अगर उन्हें किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
निष्कर्ष
यह कार्रवाई न केवल गौतम पाली थाना पुलिस की मेहनत और लगन का नतीजा है, बल्कि डीसीपी सेंट्रल आशीष श्रीवास्तव की कुशल रणनीति और नेतृत्व का भी परिणाम है। इस ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि लखनऊ पुलिस अपराधियों के लिए सख्त और आम जनता के लिए मददगार है।
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