” AAP का कपिल मिश्रा पर हमला: ‘दंगे भड़काने वाले’ पर कोर्ट के आदेश का स्वागत”
आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने पूर्व नेता और अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता कपिल मिश्रा पर दिल्ली दंगों को भड़काने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि मिश्रा के भड़काऊ भाषणों और सोशल मीडिया पोस्ट ने हिंसा को बढ़ावा दिया, जिसके परिणामस्वरूप दिल्ली में भारी तबाही हुई। यह बयान कोर्ट के उस हालिया आदेश के बाद आया है, जिसमें मिश्रा के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस को जांच के निर्देश दिए गए हैं।
AAP की प्रवक्ता रेखा गुप्ता ने प्रेस वार्ता में कहा, “कपिल मिश्रा ने न सिर्फ भड़काऊ बयान दिए, बल्कि पूरी दिल्ली ने देखा कि कैसे उनके इशारों पर हिंसा भड़की। कोर्ट का यह आदेश हमारी बात को सही साबित करता है। अब समय आ गया है कि ऐसे लोगों को सजा मिले।” पार्टी ने इस फैसले को न्याय की जीत करार देते हुए इसका स्वागत किया है।
कोर्ट का यह आदेश दिल्ली दंगों के दौरान मिश्रा द्वारा कथित तौर पर दिए गए भड़काऊ भाषणों से जुड़ी एक याचिका के जवाब में आया है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि मिश्रा के बयानों ने हिंसा को उकसाने में भूमिका निभाई हो सकती है। इसके चलते पुलिस को निर्देश दिया गया कि वे इस मामले की गहन जांच करें और उचित कानूनी कदम उठाएं। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि जांच के बाद मिश्रा के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई होगी या नहीं।

AAP ने इस फैसले को अपनी राजनीतिक लड़ाई का हिस्सा बनाते हुए कहा कि यह उन सभी लोगों के लिए सबक है जो नफरत और हिंसा फैलाते हैं। रेखा गुप्ता ने आगे कहा, “कानून सबके लिए बराबर है। कपिल मिश्रा जैसे लोग कितने भी बड़े क्यों न हों, उन्हें अपने कर्मों का हिसाब देना होगा। हम कोर्ट के इस कदम का सम्मान करते हैं और उम्मीद करते हैं कि जांच जल्द पूरी होगी।”
दूसरी ओर, कपिल मिश्रा ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि AAP राजनीतिक बदले की भावना से उनके खिलाफ झूठे आरोप लगा रही है। मिश्रा ने अपने बयान में कहा, “मैंने कभी हिंसा को बढ़ावा नहीं दिया। मेरे भाषणों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। कोर्ट का आदेश सिर्फ जांच का है, यह मेरा अपराध साबित नहीं करता। मैं जांच का सामना करने को तैयार हूं और मुझे भरोसा है कि सच सामने आएगा।”
यह मामला अब दिल्ली की सियासत में एक बड़ा मुद्दा बन गया है। AAP इसे अपनी नैतिक जीत के तौर पर पेश कर रही है, जबकि भाजपा का कहना है कि यह महज राजनीतिक साजिश है। दिल्ली दंगों की यह घटना, जिसमें कई लोगों की जान गई और संपत्ति को भारी नुकसान हुआ, एक बार फिर चर्चा में है। नागरिकों के बीच भी इस बात को लेकर बहस छिड़ी है कि क्या दंगों के असली दोषियों को सजा मिलेगी।
पुलिस ने कहा है कि वह कोर्ट के निर्देशों का पालन करेगी और मामले की निष्पक्ष जांच करेगी। जांच के परिणाम आने के बाद ही यह तय होगा कि मिश्रा के खिलाफ आगे क्या कदम उठाया जाएगा। इस बीच, यह विवाद दिल्ली की राजनीति में हलचल मचाए हुए है और आने वाले दिनों में इसके और तूल पकड़ने की संभावना है।
और अधिक खबरे पढ़ने के लिए विजिट करे हमारी वेबसाइट भारत खबर पर – https://bharatkhabar.co/




Users Today : 11
Users Yesterday : 32