Home » बिहार » बिहार की सियासत में उलटफेर

बिहार की सियासत में उलटफेर

बिहार की सियासत
Picture of bharatkhabar

bharatkhabar

नीतीश के सिंहासन पर संकट? सम्राट चौधरी को आगे बढ़ाने में जुटी BJP, तेजस्वी ने भरी हुंकार”

बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने कद्दावर नेता और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद के लिए प्रोजेक्ट करने की रणनीति पर काम कर रही है। यह कवायद 2025 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर शुरू की गई है, जो नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकती है। दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के युवा नेता और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को खुली चेतावनी दी है, जिससे सियासी पारा और चढ़ गया है।

बिहार की सियासत
बिहार की सियासत
BJP की नई रणनीति: सम्राट चौधरी का उदय
पिछले कुछ महीनों से बिहार BJP में सम्राट चौधरी की स्थिति मजबूत हुई है। कोइरी समुदाय से आने वाले सम्राट को पार्टी एक मजबूत OBC चेहरे के रूप में देख रही है, जो नीतीश कुमार की कोइरी-कुर्मी वोट बैंक पर सेंधमारी कर सकता है। सूत्रों के अनुसार, BJP केंद्रीय नेतृत्व ने सम्राट को मुख्यमंत्री पद के लिए तैयार करने का मन बना लिया है। इसकी शुरुआत पिछले साल तब हुई, जब उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया और पार्टी ने उन्हें विधान परिषद में विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी सौंपी।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “सम्राट चौधरी का आक्रामक रुख और युवा नेतृत्व BJP को बिहार में नई ऊर्जा दे रहा है। नीतीश जी की उम्र और उनकी बार-बार बदलती गठबंधन नीतियों ने कई कार्यकर्ताओं को निराश किया है। ऐसे में सम्राट को आगे लाना पार्टी के लिए फायदेमंद हो सकता है।”
BJP की यह रणनीति उस समय सामने आई है, जब नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (JD(U)) और BJP के बीच गठबंधन में सब कुछ सामान्य नहीं दिख रहा। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक बयान ने इस चर्चा को हवा दी थी, जिसमें उन्होंने बिहार में मुख्यमंत्री चेहरे पर स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए कहा था कि यह फैसला NDA की संसदीय समिति करेगी। इस बयान के बाद से ही अटकलें तेज हो गई हैं कि BJP नीतीश को दरकिनार कर सम्राट चौधरी पर दांव खेल सकती है।
तेजस्वी की चेतावनी: नीतीश पर बढ़ा दबाव
इस सियासी उथल-पुथल के बीच RJD नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला है। तेजस्वी ने एक जनसभा में कहा, “नीतीश जी को समझना होगा कि BJP उनकी कुर्सी पर नजर गड़ाए बैठी है। अगर वे अब भी चुप रहे, तो उनकी सियासी जमीन खिसक जाएगी। बिहार की जनता बार-बार धोखा नहीं खाएगी।” तेजस्वी ने यह भी दावा किया कि BJP और JD(U) के बीच विश्वास की कमी साफ दिख रही है, और इसका फायदा महागठबंधन को मिलेगा।
तेजस्वी ने सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “सम्राट जी पहले RJD में थे, फिर JD(U) में गए, और अब BJP में हैं। उनकी निष्ठा कुर्सी के साथ बदलती है, न कि जनता के साथ। बिहार की जनता ऐसे अवसरवादी नेताओं को कभी स्वीकार नहीं करेगी।” तेजस्वी का यह बयान सम्राट चौधरी के राजनीतिक सफर पर सवाल उठाता है, जो विभिन्न दलों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं।

नीतीश कुमार की चुप्पी और सियासी गणित
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पूरे मामले पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है। उनकी चुप्पी ने NDA कार्यकर्ताओं और समर्थकों में असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश इस स्थिति को भांप रहे हैं और अपनी अगली चाल के लिए सही समय का इंतजार कर रहे हैं।

नीतीश की ताकत हमेशा से उनका कोइरी-कुर्मी और अति पिछड़ा वर्ग (EBC) का वोट बैंक रहा है। हालांकि, हाल के वर्षों में BJP ने इस वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश की है। सम्राट चौधरी को आगे लाने की रणनीति को इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है। दूसरी ओर, RJD का मुस्लिम-यादव (MY) समीकरण और तेजस्वी की युवा अपील भी NDA के लिए चुनौती बन रही है।
क्या कहते हैं आंकड़े?

2020 के विधानसभा चुनाव में NDA ने 125 सीटें जीती थीं, जिसमें BJP को 74 और JD(U) को 43 सीटें मिली थीं। वहीं, RJD के नेतृत्व वाले महागठबंधन को 110 सीटें मिली थीं। हाल के लोकसभा चुनावों में NDA ने बिहार की 40 में से 30 सीटें जीतीं, लेकिन JD(U) का प्रदर्शन BJP की तुलना में कमजोर रहा। यह स्थिति BJP को गठबंधन में अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका दे रही है।

जनता की राय और भविष्य की संभावनाएं
बिहार की जनता के बीच इस सियासी ड्रामे को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया है। पटना के एक व्यापारी रमेश सिंह ने कहा, “नीतीश जी ने बिहार में विकास किया, लेकिन उनकी बार-बार पाला बदलने की आदत से लोग नाराज हैं। अगर BJP सम्राट चौधरी को लाती है, तो यह देखना होगा कि जनता उन्हें कितना स्वीकार करती है।” वहीं, एक कॉलेज छात्रा प्रिया कुमारी ने तेजस्वी के पक्ष में बोलते हुए कहा, “तेजस्वी युवा हैं और उनकी बातें हमें प्रेरित करती हैं। नीतीश जी पुराने हो गए हैं।”
आने वाले महीने बिहार की राजनीति के लिए निर्णायक साबित होंगे। अगर BJP सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद के लिए प्रोजेक्ट करती है, तो यह नीतीश कुमार के लिए बड़ा झटका होगा। दूसरी ओर, तेजस्वी की आक्रामक रणनीति और RJD की संगठनात्मक ताकत महागठबंधन को मजबूत कर रही है। क्या नीतीश अपनी कुर्सी बचा पाएंगे, या बिहार में नया सियासी अध्याय शुरू होगा? यह सवाल हर किसी के जेहन में है।

 

ऐसी तमाम अपडेट्स के लिए विजिट करें हमारी वेबसाइट भारत खबर पर-https://bharatkhabar.co/

bharatkhabar
Author: bharatkhabar

Leave a Comment

Poll

क्या आप \"Bharat Khabar.\" की खबरों से संतुष्ट हैं?

Cricket Live

Rashifal

Leave a Comment

इस पोस्ट से जुड़े हुए हैशटैग्स