आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में बुधवार को उस समय तनाव का माहौल बन गया, जब करणी सेना के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी (सपा) के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन के आवास पर हमला बोल दिया। यह हंगामा सांसद के उस बयान को लेकर हुआ, जिसमें उन्होंने 16वीं सदी के मेवाड़ शासक राणा सांगा को ‘गद्दार’ करार दिया था। इस घटना ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी, बल्कि राजपूत समुदाय की भावनाओं को भी आहत कर दिया। करणी सेना ने इसे अपने सम्मान पर हमला बताते हुए सांसद के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया।
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब रामजी लाल सुमन ने 21 मार्च को राज्यसभा में एक बहस के दौरान राणा सांगा को लेकर विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा था कि राणा सांगा ने मुगल बादशाह बाबर को भारत में आमंत्रित किया था ताकि दिल्ली सल्तनत के अंतिम सुल्तान इब्राहिम लोदी को हराया जा सके। सांसद ने यह भी दावा किया कि अगर मुसलमानों को बाबर का वंशज कहा जाता है, तो हिंदुओं को राणा सांगा का वंशज मानना चाहिए। इस बयान ने राजपूत समुदाय में आक्रोश की लहर दौड़ा दी, क्योंकि राणा सांगा को उनकी वीरता और देशभक्ति के लिए याद किया जाता है।

बुधवार सुबह करणी सेना के कार्यकर्ता आगरा के हरिपर्वत इलाके में सांसद के कूबरपुर स्थित आवास पर जमा हो गए। प्रदर्शनकारी बुलडोजर लेकर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए घर के मुख्य द्वार को तोड़ने की कोशिश की। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने पथराव शुरू कर दिया, जिससे घर की खिड़कियां और शीशे टूट गए। बाहर खड़ी 10 से ज्यादा गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया और कुर्सियां तोड़ दी गईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, लेकिन हालात तनावपूर्ण बने रहे।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी राणा सांगा की वीरता पर सवाल नहीं उठा रही, बल्कि सांसद ने केवल इतिहास के एकपक्षीय narrative को उजागर करने की कोशिश की थी। अखिलेश ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के आगरा में मौजूद रहते हुए यह घटना हुई, जो सरकार की नाकामी को दर्शाती है। दूसरी ओर, बीजेपी नेताओं ने सांसद के बयान को हिंदुओं का अपमान बताया और कार्रवाई की मांग की।
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करणी सेना के युवा विंग के अध्यक्ष ओकेंद्र राणा ने कहा कि सांसद को अपने बयान के लिए माफी मांगनी होगी, वरना आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने यह भी मांग की कि सुमन राणा सांगा के स्मारक पर जाकर क्षमा याचना करें। इस बीच, सांसद के बेटे रंजीत सुमन ने बताया कि पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने कहा कि हमले में कई लोग घायल हुए और घर में मौजूद बच्चे डर गए।
यह घटना उस समय हुई, जब शहर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे। पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान की जा रही है। यह विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर बहस का मुद्दा बन गया है।
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