लखनऊ में अपराध की सेंध: DCP ईस्ट शशांक सिंह की शानदार पुलिसिंग
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपराध की दुनिया में एक बार फिर हलचल मच गई है। लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने एक कुख्यात अपराधी जोन उर्फ प्रवीण उर्फ धाना अभियाना को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरफ्तारी पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के डीसीपी ईस्ट आईएस शशांक सिंह की अगुवाई में हुई, जिनकी शानदार पुलिसिंग और रणनीतिक दृष्टिकोण की हर तरफ प्रशंसा हो रही है। जोन पर धारा 317(2) बीएनएसएस के तहत हत्या की कोशिश का मामला दर्ज है, और उसकी आपराधिक इतिहास की लंबी फेहरिस्त पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी। इस खबर में हम जोन के अपराधों की गहरी पड़ताल करेंगे, उसकी क्राइम हिस्ट्री पर नजर डालेंगे और डीसीपी ईस्ट शशांक सिंह की इस सफलता के पीछे की मेहनत को रेखांकित करेंगे।

जोन की गिरफ्तारी: एक बड़ी कामयाबी
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने 27 मार्च 2025 को एक प्रेस रिलीज जारी कर जोन उर्फ प्रवीण उर्फ धाना अभियाना की गिरफ्तारी की जानकारी दी। प्रेस नोट के अनुसार, जोन को 26 मार्च 2025 को लखनऊ के थाना अलीगंज में धारा 117(2)/304(2)/317(2) बीएनएसएस के तहत दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया गया। यह मामला हत्या की कोशिश से जुड़ा है, जिसमें जोन ने एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला किया था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए जोन को धर दबोचा। उसके पास से एक मोटरसाइकिल, दो अवैध पिस्तौल, एक मोबाइल फोन और चोरी का सामान बरामद किया गया।
जोन की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया था। डीसीपी ईस्ट शशांक सिंह की अगुवाई में गठित टीम ने तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर जोन को ट्रैक किया। 26 मार्च को सुबह करीब 3:30 बजे पुलिस ने उसे बाराबंकी से लखनऊ की ओर आते समय दबोच लिया। इस ऑपरेशन में डीसीपी शशांक सिंह की रणनीति और उनकी टीम की सजगता ने अहम भूमिका निभाई।
गिरोह का आपराधिक इतिहास : अपराध की दुनिया का कुख्यात चेहरा

जोन उर्फ प्रवीण उर्फ धाना अभियाना लखनऊ और आसपास के इलाकों में अपराध की दुनिया का एक जाना-माना नाम है। प्रेस रिलीज के अनुसार, जोन के खिलाफ लखनऊ और बाराबंकी में कुल 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या की कोशिश, डकैती, चोरी, और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। उसका आपराधिक इतिहास 2017 से शुरू होता है, जब उसने पहली बार अपराध की दुनिया में कदम रखा।

2017 में पहला कदम: जोन ने 2017 में थाना बाराबंकी में धारा 380/411 और 457 के तहत चोरी और डकैती का पहला मामला दर्ज करवाया। यह उसकी अपराध की दुनिया में शुरुआत थी।
2019 में हत्या की कोशिश: 2019 में जोन ने थाना अलीगंज में धारा 392/411/506 के तहत एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला किया, जिसके बाद उसकी छवि एक खूंखार अपराधी के रूप में उभरी।
2020 में डकैती की वारदातें: 2020 में जोन ने कई डकैती की घटनाओं को अंजाम दिया। थाना जीआरपी चारबाग और थाना अलीगंज में उसके खिलाफ धारा 380/411 के तहत मामले दर्ज हुए।
2024 में ताजा वारदात: 2024 में जोन ने थाना मानकनगर में धारा 3(1)/3(1)(द) एससी/एसटी एक्ट के तहत एक और गंभीर अपराध को अंजाम दिया।
जोन की अपराध की यह लंबी फेहरिस्त उसे पुलिस के लिए एक बड़ा सिरदर्द बनाती थी। वह बार-बार अपराध करने के बाद फरार हो जाता था और पुलिस की पकड़ से बाहर रहता था। उसकी चालाकी और अपराध करने का तरीका पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था। वह अक्सर मोटरसाइकिल का इस्तेमाल कर वारदात को अंजाम देता और फिर गायब हो जाता।
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डीसीपी ईस्ट शशांक सिंह की शानदार पुलिसिंग

इस गिरफ्तारी के पीछे डीसीपी ईस्ट आईएस शशांक सिंह की शानदार पुलिसिंग और रणनीतिक दृष्टिकोण का बड़ा योगदान है। शशांक सिंह ने जब से डीसीपी ईस्ट का पद संभाला है, तब से लखनऊ के पूर्वी क्षेत्र में अपराध पर लगाम लगाने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। उनकी नेतृत्व क्षमता और अपराधियों को पकड़ने की रणनीति ने पुलिस कमिश्नरेट को एक नई दिशा दी है।
जोन की गिरफ्तारी के लिए शशांक सिंह ने एक विशेष टीम का गठन किया था, जिसमें थाना अलीगंज के प्रभारी निरीक्षक शोलेन्द्र त्रिवेदी और उनकी टीम शामिल थी। इस टीम ने तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी का सहारा लिया। शशांक सिंह ने खुद इस ऑपरेशन की निगरानी की और टीम को सटीक दिशा-निर्देश दिए। उनकी रणनीति के तहत पुलिस ने जोन की हर गतिविधि पर नजर रखी और सही समय पर उसे धर दबोचा।
शशांक सिंह की इस सफलता की प्रशंसा लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी की है। उनके नेतृत्व में लखनऊ के पूर्वी क्षेत्र में अपराध की दर में कमी आई है, और कई कुख्यात अपराधी सलाखों के पीछे पहुंचे हैं। शशांक सिंह की कार्यशैली में अनुशासन, तकनीकी दक्षता और टीम वर्क की झलक साफ दिखती है।
जोन की गिरफ्तारी का प्रभाव
जोन की गिरफ्तारी से लखनऊ और बाराबंकी में अपराध की दुनिया में हड़कंप मच गया है। पुलिस का मानना है कि जोन कई अन्य अपराधों में भी शामिल हो सकता है, जिनकी जांच अभी चल रही है। उसकी गिरफ्तारी से न केवल एक कुख्यात अपराधी सलाखों के पीछे पहुंचा है, बल्कि अन्य अपराधियों के लिए भी यह एक सख्त संदेश है कि लखनऊ पुलिस अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में पीछे नहीं हटेगी।
इसके अलावा, जोन की गिरफ्तारी से स्थानीय लोगों में भी राहत की सांस है। जोन की आपराधिक गतिविधियों से लोग दहशत में थे, और उसकी गिरफ्तारी से अब वे सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने जोन की गिरफ्तारी के साथ एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराध के खिलाफ उनकी लड़ाई मजबूत और प्रभावी है। डीसीपी ईस्ट शशांक सिंह की शानदार पुलिसिंग ने इस ऑपरेशन को सफल बनाया। उनकी रणनीति, नेतृत्व और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति ने लखनऊ को सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
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