अजय पाल शर्मा की बहादुरी: पुलिसिंग से लेकर महाकुंभ की सुरक्षा तक
लखनऊ, 04/03/2025: उत्तर प्रदेश पुलिस के तेज-तर्रार और चर्चित भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी अजय पाल शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। 2011 बैच के इस अधिकारी ने अपनी बहादुरी, अपराध के खिलाफ सख्त रवैये और शानदार पुलिसिंग के लिए पूरे राज्य में पहचान बनाई है। हाल ही में उन्हें डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) के पद पर प्रोन्नति दी गई है, और उनकी यह उपलब्धि उनके कठिन परिश्रम और समर्पण का प्रमाण है। इसके साथ ही, उन्हें प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ 2025 की सुरक्षा का नोडल पुलिस अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो उनकी काबिलियत पर सरकार के भरोसे को दर्शाता है।
अजय पाल शर्मा का जन्म उत्तर प्रदेश के एक साधारण परिवार में हुआ था। पढ़ाई में अव्वल रहे अजय ने सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर IPS बनने का सपना पूरा किया। उनकी पहली पोस्टिंग मेरठ में हुई, जहां उन्होंने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर अपनी पहचान बनाई। अजय को “एनकाउंटर स्पेशलिस्ट” के नाम से जाना जाता है, क्योंकि उनके कार्यकाल में कई कुख्यात अपराधियों का सफाया हुआ। मेरठ से लेकर कानपुर और जौनपुर तक, उन्होंने हर जिले में अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई।
2019 में उनकी तैनाती रामपुर में हुई, जहां उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के प्रभाव वाले क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया। इसके बाद 2022 में कानपुर में हिंसा के बाद उन्हें वहां भेजा गया, जहां उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई। उनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे न केवल अपराधियों से निपटते हैं, बल्कि आम लोगों के बीच भी लोकप्रिय हैं। उनकी सादगी और जनता के प्रति संवेदनशीलता उन्हें एक अलग पहचान देती है।

हाल ही में अजय पाल शर्मा उस समय चर्चा में आए, जब उनके खिलाफ एक भ्रष्टाचार का मामला सामने आया था। उन पर पोस्टिंग के लिए सौदेबाजी और एक महिला को फर्जी केस में फंसाने के आरोप लगे थे। इस मामले में SIT ने जांच की और आरोपों को सही पाया था, जिसके चलते उनकी प्रोन्नति रुकी हुई थी। लेकिन जनवरी 2025 में विभागीय कार्रवाई खत्म होने के बाद उन्हें क्लीन चिट मिली, और सरकार ने उन्हें DIG के पद पर प्रोन्नत कर दिया। प्रयागराज में उनकी प्रोन्नति के उपलक्ष्य में एक पिपिंग सेरेमनी आयोजित की गई, जिसमें DGP प्रशांत कुमार और उनके भाई IAS अमित पाल शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अजय पाल शर्मा को महाकुंभ 2025 की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपना उनके करियर का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है। खालिस्तानी खतरे और भीड़ प्रबंधन की चुनौतियों के बीच उनकी नियुक्ति से यह साफ है कि सरकार उन पर बड़ा भरोसा जताती है। प्रयागराज में हाल ही में एक IAF इंजीनियर की हत्या के मामले में भी उन्होंने तेजी से कार्रवाई की थी। इस घटना में उन्होंने बताया कि आरोपी और उसके दो परिजनों को गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे उनकी कुशलता एक बार फिर सामने आई।
अजय पाल शर्मा की निजी जिंदगी भी प्रेरणादायक है। उनके भाई अमित पाल शर्मा प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) के वाइस चेयरमैन हैं, और दोनों भाइयों ने अपनी मेहनत से प्रशासनिक सेवा में नाम कमाया है। अजय का मानना है कि पुलिस का काम सि Punishment देना नहीं, बल्कि समाज में भरोसा कायम करना भी है। उनकी यह सोच उन्हें एक असाधारण अधिकारी बनाती है।
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