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रेलवे की दो नई परियोजनाओं से चार राज्यों को फायदा!

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नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने देश के चार राज्यों में कनेक्टिविटी को मजबूत करने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दो महत्वपूर्ण रेल अवसंरचना परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है, जिनकी कुल लागत 3200 करोड़ रुपये से अधिक है। इन परियोजनाओं से पंजाब, हरियाणा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इन परियोजनाओं से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी।

पहली परियोजना पंजाब और हरियाणा में जीरकपुर बाइपास के निर्माण से संबंधित है। यह एक 19.2 किलोमीटर लंबा छह-लेन वाला एक्सेस कंट्रोल्ड बाइपास होगा, जिसे हाइब्रिड एन्युटी मोड के तहत बनाया जाएगा। इसकी लागत 1878.31 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह बाइपास चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक की भीड़ को कम करने में मदद करेगा, साथ ही रेल और सड़क मार्ग से यात्रा करने वालों के लिए समय की बचत होगी। इस परियोजना से पंजाब और हरियाणा के औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्रों को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि माल ढुलाई में तेजी आएगी।

दूसरी परियोजना तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत तिरुपति-पाकाला-काटपाडी सिंगल रेलवे लाइन सेक्शन को डबल लाइन में बदला जाएगा। यह रेल खंड 104 किलोमीटर लंबा है और इसकी अनुमानित लागत 1332 करोड़ रुपये है। इस दोहरीकरण से तिरुपति, जो एक प्रमुख तीर्थ स्थल है, और आसपास के क्षेत्रों में रेल यातायात की क्षमता बढ़ेगी। इससे न केवल तीर्थयात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि माल परिवहन में भी तेजी आएगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।

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रेल मंत्री ने बताया कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य रेलवे नेटवर्क को आधुनिक और सक्षम बनाना है। जीरकपुर बाइपास के बनने से पंजाब और हरियाणा में सड़क और रेल कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिससे क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। वहीं, तिरुपति-पाकाला-काटपाडी रेल खंड का दोहरीकरण दक्षिण भारत में रेल यात्रा को और सुगम बनाएगा। खास तौर पर तिरुपति जैसे धार्मिक स्थल पर हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं, और इस परियोजना से उनकी यात्रा आसान और सुरक्षित होगी।

इन परियोजनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में भी उत्साह देखा जा रहा है। पंजाब के एक व्यापारी ने कहा, “जीरकपुर बाइपास बनने से चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। इससे हमारा माल समय पर पहुंचेगा और कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।” इसी तरह, तमिलनाडु के एक तीर्थयात्री ने बताया कि तिरुपति रेल लाइन के दोहरीकरण से ट्रेनों की उपलब्धता बढ़ेगी और यात्रा में लगने वाला समय कम होगा।

रेल मंत्रालय ने यह भी बताया कि ये परियोजनाएं पर्यावरण के अनुकूल होंगी और स्थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुए बनाई जाएंगी। इनके पूरा होने से न केवल यातायात की भीड़ कम होगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा मिलेगी। इन परियोजनाओं को अगले कुछ वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद चारों राज्यों में रेल और सड़क कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

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Author: bharatkhabar

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