UP पुलिस ने खोला तस्करी का भयानक राज, फर्जी NGO के जरिए 15,000 लड़कियों को बेचने का खुलासा
लखनऊ/कानपुर: उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक ऐसी सनसनीखेज मानव तस्करी के रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिसने सामाजिक सेवा के नाम पर पिछले 11 सालों में करीब 15,000 लड़कियों को बेच दिया। यह संगठन एक फर्जी एनजीओ की आड़ में चल रहा था, जो गरीब और अनाथ लड़कियों को निशाना बनाता था। पुलिस को इस मामले में बड़ी सफलता तब मिली, जब कानपुर में छापेमारी के दौरान कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और उनके पास से आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए।
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह गरीबी और मजबूरी का फायदा उठाकर लड़कियों को पहले नौकरी और शिक्षा का झांसा देता था। इसके बाद उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में और कुछ मामलों में विदेश तक बेच दिया जाता था। जांच में पता चला कि यह रैकेट उत्तर प्रदेश के कई जिलों में फैला हुआ था और इसके तार अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से भी जुड़े हो सकते हैं। अब तक 10 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें इस फर्जी एनजीओ का संचालक भी शामिल है।

पुलिस ने बताया कि गिरोह ने पिछले 11 सालों में करीब 15,000 लड़कियों को अपना शिकार बनाया, जिनमें से कई की उम्र 18 साल से कम थी। छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेजों से उनके ठिकानों और खरीदारों की जानकारी मिली है। इस मामले ने समाज में गहरा आक्रोश पैदा किया है और पुलिस अब पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए गहन जांच में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह उत्तर प्रदेश में मानव तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक है।
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