लखनऊ: केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या और वाराणसी को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश के लिए एक नया मॉडल करार दिया है। उन्होंने कहा कि इन दोनों शहरों में सौर ऊर्जा के उपयोग और इसके प्रबंधन की जो व्यवस्था विकसित की गई है, वह अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय है। यह बयान लखनऊ में एक ऊर्जा सम्मेलन के दौरान आया, जहां जोशी ने यूपी सरकार के प्रयासों की जमकर सराहना की।
मंत्री के अनुसार, अयोध्या में राम मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सौर ऊर्जा का व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे न सिर्फ बिजली की बचत हो रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। वहीं, वाराणसी में घाटों और सार्वजनिक स्थानों पर सोलर पैनल लगाए गए हैं, जो शहर की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। जोशी ने बताया कि इन शहरों में सौर ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने भी विशेष सहायता दी है।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि अयोध्या और वाराणसी का मॉडल न केवल तकनीकी दृष्टि से उन्नत है, बल्कि यह सांस्कृतिक और आर्थिक विकास के साथ भी जुड़ा है। केंद्रीय मंत्री ने अन्य राज्यों से अपील की कि वे इन मॉडलों का अध्ययन करें और अपने यहां लागू करें। यूपी सरकार ने इस प्रशंसा को अपनी नीतियों की सफलता बताया और कहा कि आने वाले दिनों में राज्य के अन्य शहरों में भी सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाएगा।
और अधिक खबरें पढ़ने के लिए विजिट करे हमारी वेबसाइट भारत खबर पर http://bharatkhabar.co




Users Today : 13
Users Yesterday : 32