मथुरा में मिलावटी पेट्रोलियम गिरोह का पर्दाफाश STF ने दो टैंकरों सहित दो आरोपियों को दबोचा
मथुरा, 12 अप्रैल 2025: उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पेट्रोलियम पदार्थों (डीजल) में मिलावट कर कालाबाजारी करने वाले एक संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मथुरा के हाईवे थाना क्षेत्र में 12 अप्रैल 2025 को दोपहर 12:50 बजे की गई, जब STF की टीम ने भरतपुर तिराहे के पास दो टैंकरों को पकड़ा, जिनमें मिलावटी डीजल भरा था।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान दिनेश, पुत्र होरीलाल, निवासी महुअन, थाना फरह, मथुरा और वीरेंद्र सिंह, पुत्र खजान सिंह, निवासी गड़लाऊ, थाना गौंडा, जनपद अलीगढ़ के रूप में हुई है। STF ने इनके कब्जे से दो टैंकर (नंबर UP-85-CT-0353 और UP-85-CT-9163) बरामद किए, जिनमें क्रमशः 22 टन और 21.50 टन मिलावटी डीजल था।
STF को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि मथुरा में पेट्रोलियम पदार्थों में मिलावट कर कालाबाजारी की जा रही है। इस आधार पर अपर पुलिस अधीक्षक राकेश के पर्यवेक्षण में इंस्पेक्टर यतींद्र शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। 12 अप्रैल को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर STF ने त्वरित कार्रवाई की। सूचना थी कि भरतपुर तिराहे के पास दो टैंकर खड़े हैं, जिनमें मथुरा रिफाइनरी से लिया गया असली डीजल मिलावट के बाद सम्भल में सप्लाई के लिए ले जाया जा रहा है।
स्थानीय पुलिस के सहयोग से STF ने दोनों टैंकरों को घेर लिया और जांच के दौरान पाया कि इनमें मिलावटी डीजल भरा है। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे धर्मवीर शर्मा के लिए काम करते हैं, जो मथुरा में टैंकर चलाने का व्यवसाय करता है। 10 अप्रैल को मथुरा रिफाइनरी से दोनों टैंकरों में क्रमशः 22 टन और 21.50 टन डीजल भरा गया था। यह डीजल एमएच खान कंस्ट्रक्शन कंपनी, सम्भल को सप्लाई किया जाना था, लेकिन धर्मवीर के इशारे पर टैंकरों को भरतपुर, राजस्थान के एक गोदाम में ले जाया गया। वहां दोनों टैंकरों से 800-800 किलोग्राम डीजल निकालकर उसमें इतनी ही मात्रा में एक अज्ञात सफेद पदार्थ (पाउडर) मिलाया गया। इस मिलावटी डीजल को सम्भल में सप्लाई करने की योजना थी, जबकि निकाले गए 800-800 किलोग्राम असली डीजल को अलग से बेचा जाना था।

आरोपियों ने बताया कि वे यह गैरकानूनी काम अपने मालिक के कहने पर कई दिनों से कर रहे थे। प्रत्येक टैंकर की डिलीवरी पर उन्हें प्रति व्यक्ति 25,000 रुपये का लालच दिया जाता था। STF ने इस मामले में मुख्य आरोपी धर्मवीर की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना हाईवे, मथुरा में मुकदमा संख्या 0321/2025 दर्ज किया गया है, जिसमें BNSS 2023 की धारा 316(5), 317(4), 318(4), 303(2) और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई की जा रही है। स्थानीय पुलिस आगे की विधिक प्रक्रिया पूरी कर रही है।
यह कार्रवाई न केवल मिलावटी पेट्रोलियम की कालाबाजारी पर रोक लगाने में महत्वपूर्ण है, बल्कि आम जनता को घटिया ईंधन से होने वाले नुकसान से बचाने में भी अहम साबित होगी। STF की इस सफलता ने एक बार फिर संगठित अपराध के खिलाफ उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाया है।
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