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PNB घोटाले का भगोड़ा

मेहुल चोकसी
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” PNB घोटाले का भगोड़ा: बेल्जियम में *चोकसी की गिरफ्तारी, हंगेरियन महिला के साथ क्या है कनेक्शन? “

 

भारत के सबसे बड़े बैंक घोटालों में से एक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले का मुख्य आरोपी मेहुल चोकसी एक बार फिर चर्चा में है। बेल्जियम पुलिस ने शनिवार को चोकसी को हिरासत में लिया, जिसके बाद भारत सरकार ने उनकी प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज कर दी है। चोकसी पर 13,500 करोड़ रुपये के PNB घोटाले में शामिल होने का आरोप है। उनकी गिरफ्तारी ने न केवल इस घोटाले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है, बल्कि उनके द्वारा 2021 में लगाए गए अपहरण और हनीट्रैप के सनसनीखेज आरोपों को भी ताजा कर दिया है।

मेहुल चोकसी
मेहुल चोकसी
बेल्जियम में गिरफ्तारी: सात साल की तलाश का अंत
मेहुल चोकसी, जो गीतांजलि ग्रुप के मालिक थे, 2018 में भारत से फरार हो गए थे। इसके बाद उन्होंने एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता हासिल कर ली थी। पिछले साल भारतीय जांच एजेंसियों को सूचना मिली थी कि चोकसी बेल्जियम में हैं। सूत्रों के अनुसार, चोकसी ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेल्जियम में ‘F रेजिडेंसी कार्ड’ हासिल किया था। उनकी पत्नी प्रीति चोकसी, जो बेल्जियन नागरिक हैं, के साथ वे एंटवर्प में रह रहे थे। भारतीय एजेंसियों ने बेल्जियम प्रशासन को घोटाले से संबंधित सभी दस्तावेज सौंपे, जिसके बाद चोकसी को एक अस्पताल से गिरफ्तार किया गया, जहां वे कथित तौर पर कैंसर का इलाज करा रहे थे।
चोकसी की गिरफ्तारी भारतीय जांच एजेंसियों—सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED)—के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है। दोनों एजेंसियां 2018 से चोकसी और उनके भतीजे नीरव मोदी के खिलाफ जांच कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, चोकसी स्विट्जरलैंड भागने की फिराक में थे, लेकिन भारतीय एजेंसियों की सतर्कता के कारण उनकी योजना नाकाम रही।
2021 का अपहरण और हनीट्रैप का दावा
मेहुल चोकसी ने मई 2021 में दावा किया था कि उनका अपहरण कर लिया गया था। यह घटना तब हुई, जब वे एंटीगुआ से अचानक गायब हो गए और बाद में डोमिनिका में पाए गए। चोकसी ने आरोप लगाया था कि भारतीय एजेंटों ने उनका अपहरण किया और उन्हें एक नाव के जरिए डोमिनिका ले जाया गया। इस घटना में एक हंगेरियन महिला, बारबरा जाबारिका, का नाम भी सामने आया था।
चोकसी की पत्नी प्रीति ने दावा किया था कि बारबरा ने 2020 में चोकसी से दोस्ती की थी और वह एक सुनियोजित हनीट्रैप का हिस्सा थी। प्रीति के अनुसार, बारबरा ने चोकसी को 23 मई 2021 को डिनर के लिए आमंत्रित किया, जहां से उनका अपहरण कर लिया गया। चोकसी ने यह भी कहा था कि बारबरा ने उन्हें ‘राज’ के नाम से जाना और वह उनके साथ छल कर रही थी।
हालांकि, बारबरा ने इन आरोपों का खंडन किया था। उन्होंने कहा कि चोकसी ने ही उनसे संपर्क किया और खुद को ‘राज’ के रूप में पेश किया। बारबरा ने दावा किया कि वह उनकी प्रेमिका थीं और उनकी कोई आपराधिक मंशा नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास अपनी आय और व्यवसाय है, और उन्हें चोकसी की किसी भी तरह की मदद की जरूरत नहीं थी। बारबरा ने अपहरण के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जिस जगह से चोकसी का कथित अपहरण हुआ, वहां दिनदहाड़े ऐसा करना असंभव है।
क्या थी वो साजिश?
एंटीगुआ पुलिस की एक अंतरिम रिपोर्ट ने चोकसी के अपहरण के दावे को प्रथम दृष्टया सही माना था। 2021 में द टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा प्राप्त एक विस्तृत पुलिस रिपोर्ट में हंगेरियन नागरिक बारबरा जाबारिका और गुरदीप बाथ को इस साजिश के मुख्य षड्यंत्रकारी बताया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, चोकसी को जोली हार्बर में एक किराए के विला में डिनर के बहाने बुलाया गया था। वहां पहुंचते ही लगभग 10 लोगों ने उन पर हमला किया, उन्हें व्हीलचेयर से बांधा, गला घोंटा और नाव के जरिए डोमिनिका ले जाया गया।
रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि गुरदीप बाथ, जो किट्टियन डिप्लोमैटिक पासपोर्ट पर यात्रा कर रहे थे, और बारबरा ने अपहरण से पहले कई बार एंटीगुआ का दौरा किया था। जांच में पाया गया कि दोनों ने अपहरण से पहले रेकी भी की थी। हालांकि, बारबरा ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह चोकसी की दोस्त थीं और उनकी कोई गलत मंशा नहीं थी।
भारत में कानूनी स्थिति
भारत में चोकसी के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। CBI ने 2018 में उनके खिलाफ PNB घोटाले में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें उन पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। ED ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कई मामले दर्ज किए हैं। चोकसी की कंपनी गीतांजलि जेम्स पर 39,000 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी है, और यह कंपनी वर्तमान में लिक्विडेशन की प्रक्रिया में है।
2018 में ED ने चोकसी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी (FEO) घोषित करने की याचिका दायर की थी, जो अभी भी मुंबई की विशेष PMLA अदालत में लंबित है। अगर चोकसी को FEO घोषित किया जाता है, तो उनकी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
प्रत्यर्पण की राह में चुनौतियां
चोकसी की गिरफ्तारी के बाद अब सबकी नजर उनके प्रत्यर्पण पर टिकी है। भारत और बेल्जियम के बीच प्रत्यर्पण संधि मौजूद है, लेकिन चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने कहा है कि वे इस प्रत्यर्पण का विरोध करेंगे। अग्रवाल ने तर्क दिया है कि चोकसी की खराब सेहत और मानवाधिकारों का हवाला देकर वे बेल की मांग करेंगे। चोकसी के वकील ने इसे “राजनीतिक मामला” करार दिया है, जिससे प्रत्यर्पण की प्रक्रिया जटिल हो सकती है।
पूर्व राजनयिक केपी फैबियन के अनुसार, प्रत्यर्पण की प्रक्रिया लंबी हो सकती है, क्योंकि चोकसी के पास कानूनी रूप से इसका विरोध करने का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि चोकसी जैसे लोग अपने संसाधनों का इस्तेमाल कर बड़े वकीलों को हायर करते हैं, जैसा कि विजय माल्या ने किया था।
जनता की प्रतिक्रिया और भविष्य
PNB घोटाले ने भारतीय बैंकिंग सिस्टम और जनता के भरोसे को गहरी चोट पहुंचाई थी। चोकसी की गिरफ्तारी की खबर पर PNB घोटाले के व्हिसलब्लोअर हरिप्रसाद एसवी ने खुशी जताते हुए कहा, “यह उन सभी लोगों के लिए बड़ी खबर है, जिन्हें चोकसी ने धोखा दिया। अब जरूरी है कि न केवल चोकसी को भारत लाया जाए, बल्कि लूटी गई रकम भी वापस हो।”
चोकसी की गिरफ्तारी ने एक बार फिर से यह सवाल उठाया है कि क्या भारत आर्थिक अपराधियों को सजा दिलाने में सफल होगा? उनकी कहानी—धोखाधड़ी से लेकर विदेशों में छिपने और अब गिरफ्तारी तक—किसी बॉलीवुड थ्रिलर से कम नहीं है। आने वाले दिन इस बात का फैसला करेंगे कि क्या चोकसी को भारत लाकर न्याय की मिसाल कायम की जाएगी।

 

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Author: bharatkhabar

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