“बाराबंकी में IIT कानपुर के दो दोस्तों की अनूठी उपलब्धि: DM और SP के रूप में एक साथ जिम्मेदारी”
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक अनोखी और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के 2012 बैच के दो सहपाठियों ने अपने कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से न केवल सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) में सफलता हासिल की, बल्कि एक ही जिले में जिला मजिस्ट्रेट (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में जिम्मेदारी भी संभाली। ये दो दोस्त हैं शशांक त्रिपाठी और अर्पित विजयवर्गीय, जिनकी यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए एक मिसाल बन गई है।
IIT से UPSC तक का प्रेरणादायक सफर
शशांक त्रिपाठी और अर्पित विजयवर्गीय ने IIT कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में अपनी डिग्री पूरी की। दोनों ने अपने कॉलेज के दिनों में न केवल अकादमिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, बल्कि एक-दूसरे के साथ गहरी दोस्ती भी बनाई। कॉलेज के बाद, जहां ज्यादातर इंजीनियरिंग स्नातक उच्च वेतन वाली नौकरियों की ओर आकर्षित होते हैं, इन दोनों ने देश की सेवा करने का सपना देखा। उन्होंने UPSC की कठिन राह चुनी और अपने पहले ही प्रयास में शानदार रैंक हासिल की। शशांक त्रिपाठी ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जगह बनाई, जबकि अर्पित विजयवर्गीय भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयनित हुए।
बाराबंकी में एक साथ जिम्मेदारी
हाल ही में, उत्तर प्रदेश सरकार ने शशांक त्रिपाठी को बाराबंकी का जिला मजिस्ट्रेट और अर्पित विजयवर्गीय को जिले का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया। यह संयोग न केवल उनके लिए गर्व का क्षण है, बल्कि जिले के प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी एक सकारात्मक संदेश देता है। दोनों अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पहले भी उत्कृष्ट कार्य किया है। शशांक ने अपनी प्रशासनिक कुशलता से कई जिलों में विकास कार्यों को गति दी, जबकि अर्पित ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

टीमवर्क और दोस्ती का अनूठा उदाहरण
शशांक और अर्पित की दोस्ती और उनके बीच का तालमेल बाराबंकी के लिए एक वरदान साबित हो सकता है। दोनों ने अपने कॉलेज के दिनों में एक-दूसरे के साथ कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया था, और अब वे इस अनुभव को प्रशासनिक और सुरक्षा चुनौतियों को हल करने में उपयोग करने के लिए तैयार हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि इन दोनों की जोड़ी जिले में विकास, सुरक्षा और सामाजिक समरसता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
जिले के लिए नई उम्मीदें
बाराबंकी के निवासियों में इस नियुक्ति को लेकर उत्साह है। स्थानीय व्यापारी रामेश्वर सिंह ने कहा, “दो युवा और शिक्षित अधिकारी, जो IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से हैं, हमारे जिले के लिए गर्व की बात है। हमें उम्मीद है कि ये दोनों मिलकर जिले की कई समस्याओं का समाधान करेंगे।” वहीं, एक छात्रा नेहा यादव ने कहा, “यह खबर हमें प्रेरित करती है कि मेहनत और दोस्ती के दम पर कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।”
प्रशासन और सुरक्षा में नए आयाम
शशांक त्रिपाठी ने अपनी नियुक्ति पर कहा, “बाराबंकी के विकास और लोगों की भलाई के लिए मैं अपने अनुभव और ऊर्जा का पूरा उपयोग करूंगा। अर्पित के साथ काम करना मेरे लिए खुशी की बात है, क्योंकि हम एक-दूसरे की ताकत को अच्छे से समझते हैं।” वहीं, अर्पित विजयवर्गीय ने कहा, “कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और लोगों में विश्वास जगाना मेरी प्राथमिकता है। शशांक के साथ मिलकर हम जिले को नई दिशा देंगे।”
युवाओं के लिए प्रेरणा
यह कहानी न केवल बाराबंकी के लिए, बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है। IIT जैसे संस्थानों से निकलकर सिविल सेवा में जाने वाले युवाओं की संख्या बढ़ रही है, और शशांक-अर्पित की जोड़ी इसका जीवंत उदाहरण है। उनकी कहानी यह सिखाती है कि शिक्षा, मेहनत और दोस्ती के दम पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
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