Home » उत्तर प्रदेश » संभल हिंसा का मास्टरमाइंड दुबई में छिपा

संभल हिंसा का मास्टरमाइंड दुबई में छिपा

मास्टरमाइंड शारिक साठा
Picture of bharatkhabar

bharatkhabar

संभल में अपराध पर प्रहार: साठा गैंग की संपत्ति कुर्क, दुबई भागा मास्टरमाइंड शारिक साठा

 

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पुलिस ने एक ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए 24 नवंबर 2024 की हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा और उसके सहयोगी सिकंदर की 2.31 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली। यह संपत्ति शारिक साठा की पत्नी और सिकंदर की पत्नी के नाम पर तुर्तिपुर इल्हा क्षेत्र में दर्ज थी। शारिक साठा, जिसे इस हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है, वर्तमान में दुबई में छिपा हुआ है और उसके खिलाफ इंटरपोल की मदद से कार्रवाई शुरू की गई है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में गैंगस्टर एक्ट के तहत अपनी तरह की पहली कार्रवाई है, जिसमें जब्त संपत्ति को सरकार के नाम कर लोक कल्याण के लिए उपयोग करने का निर्णय लिया गया है। इस कदम ने संभल में अपराध के खिलाफ पुलिस की सख्ती को और मजबूत किया है।

हिंसा की पृष्ठभूमि और साठा की भूमिका:
24 नवंबर 2024 को संभल में शाही जामा मस्जिद के कोर्ट-निर्देशित सर्वेक्षण के दौरान भड़की हिंसा ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया था। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई, 30 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, और सार्वजनिक व निजी संपत्ति को लगभग 1 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। विशेष जांच दल (SIT) की जांच में शारिक साठा को इस हिंसा का मास्टरमाइंड घोषित किया गया। साठा, जो एक कुख्यात ऑटो चोर और गैंगस्टर है, पर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, और उत्तराखंड में 54 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, साठा ने अपने सहयोगियों के माध्यम से हिंसा को भड़काने के लिए धन और हथियारों की व्यवस्था की थी।

मास्टरमाइंड शारिक साठा
मास्टरमाइंड शारिक साठा

संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया:
संभल पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत शारिक साठा और सिकंदर की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को चिह्नित किया। जांच में पाया गया कि साठा ने अपनी पत्नी के नाम पर तुर्तिपुर इल्हा में 2.31 करोड़ रुपये की संपत्ति खरीदी थी, जिसमें जमीन और अन्य संपत्तियां शामिल थीं। इसी तरह, सिकंदर की पत्नी के नाम पर भी संपत्ति दर्ज थी। अदालत के आदेश पर इस संपत्ति को जब्त कर लिया गया और इसे उत्तर प्रदेश सरकार के नाम हस्तांतरित कर दिया गया। संभल के पुलिस अधीक्षक (SP) कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया, “जब्त की गई संपत्ति का उपयोग जनकल्याण के कार्यों के लिए किया जाएगा। यह कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट के तहत यूपी में पहली बार हुई है।”

दुबई में छिपा साठा और इंटरपोल की भूमिका:
शारिक साठा के बारे में पुलिस को जानकारी मिली कि वह 2020 में फर्जी पासपोर्ट का उपयोग कर दुबई भाग गया था। वहां से वह अपने आपराधिक नेटवर्क को संचालित कर रहा है, जिसमें चोरी के वाहनों की तस्करी, हथियारों की आपूर्ति, और हिंसा को भड़काने जैसे अपराध शामिल हैं। पुलिस ने साठा की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल से संपर्क किया है और उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की गई है। साठा के करीबी सहयोगी मुल्ला अफरोज और वारिस की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उसके नेटवर्क और दुबई में ठिकानों की महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।

साठा गैंग का आपराधिक इतिहास:
शारिक साठा का आपराधिक इतिहास 2009 से शुरू होता है, जब उसे गैंगस्टर एक्ट के तहत वांछित घोषित किया गया था। वह संभल के दीपा सराय क्षेत्र का मूल निवासी है और उसने दिल्ली, उत्तराखंड, और पूर्वोत्तर राज्यों में चोरी के वाहनों की तस्करी का बड़ा नेटवर्क स्थापित किया था। पुलिस का दावा है कि साठा का संबंध पाकिस्तान की ISI और दाऊद इब्राहिम के गैंग से भी हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि के लिए और जांच की आवश्यकता है। हिंसा के दौरान साठा के गुर्गों ने न केवल पथराव और आगजनी की, बल्कि वकील विष्णु शंकर जैन की हत्या की साजिश भी रची थी, जो मस्जिद सर्वेक्षण मामले में याचिकाकर्ता थे।

पुलिस की कार्रवाई और जांच:
संभल हिंसा के बाद पुलिस ने 12 FIR दर्ज कीं, जिनमें 189 लोग आरोपी बनाए गए। अब तक 80 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 79 अभी फरार हैं। SIT ने छह मामलों में 4,400 पेज की चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें साठा को मुख्य साजिशकर्ता नामित किया गया है। पुलिस ने हिंसा में शामिल 74 संदिग्धों के पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर लगाए हैं और उनकी पहचान के लिए जनता की मदद मांगी है। इसके अलावा, हिंसा में इस्तेमाल हुए हथियार, जैसे 9mm पिस्टल, 32mm पिस्टल, और देसी तमंचे, भी बरामद किए गए हैं।

सामाजिक और सियासी प्रभाव:
संभल हिंसा ने क्षेत्र में सामाजिक तनाव को बढ़ाया था, और साठा की संपत्ति जब्ती ने स्थानीय लोगों में अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद जगाई है। हालांकि, कुछ विपक्षी नेताओं ने इस कार्रवाई को सियासी रंग देने की कोशिश की है। समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क, जिनका नाम भी हिंसा से जुड़े मामलों में आया है, ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल ठोस सबूतों के आधार पर की जा रही है और कोई भी निर्दोष व्यक्ति निशाना नहीं बनेगा।

जनकल्याण के लिए संपत्ति का उपयोग:
जब्त की गई 2.31 करोड़ की संपत्ति को सरकार ने जनकल्याण के लिए उपयोग करने का फैसला किया है। संभल प्रशासन इस संपत्ति का इस्तेमाल स्कूल, अस्पताल, या अन्य सामुदायिक परियोजनाओं के लिए करने की योजना बना रहा है। यह कदम न केवल अपराधियों के लिए एक चेतावनी है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को समाज के हित में वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

संभल पुलिस की इस कार्रवाई ने शारिक साठा जैसे कुख्यात अपराधी के खिलाफ सख्त रुख को स्पष्ट किया है। 2.31 करोड़ की संपत्ति की जब्ती और इंटरपोल के सहयोग से साठा की तलाश न केवल संभल, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में अपराध के खिलाफ एक मजबूत संदेश है। यह कार्रवाई न केवल हिंसा के पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक कदम है, बल्कि समाज में शांति और सुरक्षा को बहाल करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। आने वाले दिनों में साठा की गिरफ्तारी और उसके नेटवर्क के पूर्ण खुलासे से इस मामले में और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

ऐसी तमाम अपडेट्स के लिए विजिट करें हमारी वेबसाइट भारत खबर पर-https://bharatkhabar.co/

 

bharatkhabar
Author: bharatkhabar

Leave a Comment

Poll

क्या आप \"Bharat Khabar.\" की खबरों से संतुष्ट हैं?

Cricket Live

Rashifal

Leave a Comment

इस पोस्ट से जुड़े हुए हैशटैग्स