निधि तिवारी: पीएम मोदी की नई निजी सचिव वाराणसी से शुरू हुआ सफर अब पीएमओ तक पहुंचा
नई दिल्ली: भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) की 2014 बैच की अधिकारी निधि तिवारी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निजी सचिव नियुक्त किया गया है। यह महत्वपूर्ण नियुक्ति कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा 29 मार्च 2025 को जारी एक आदेश के माध्यम से हुई, जिसे कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने मंजूरी दी। निधि तिवारी, जो वर्तमान में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में उप सचिव के पद पर कार्यरत हैं, अब इस नई जिम्मेदारी के साथ पीएम मोदी के दैनिक कार्यों और नीतिगत समन्वय में अहम भूमिका निभाएंगी। उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और यह सह-अवधि (को-टर्मिनस) आधार पर होगी, यानी यह पीएम के कार्यकाल या अगले आदेश तक जारी रहेगी।
निधि तिवारी का सफर बेहद प्रेरणादायक है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी के महमूरगंज इलाके की रहने वाली निधि ने 2013 में सिविल सेवा परीक्षा में 96वां रैंक हासिल कर आईएफएस में प्रवेश किया था। खास बात यह है कि वाराणसी वही लोकसभा क्षेत्र है, जिसका प्रतिनिधित्व पीएम मोदी 2014 से कर रहे हैं। अपने करियर की शुरुआत में निधि ने वाराणसी में सहायक आयुक्त (वाणिज्यिक कर) के रूप में काम किया, जिसके बाद वे विदेश मंत्रालय में शामिल हुईं। वहां उन्होंने निशस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के प्रभाग में अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन किया। यह प्रभाग राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल को रिपोर्ट करता है, जो उनकी नीति और सुरक्षा के क्षेत्र में गहरी समझ को दर्शाता है।

नवंबर 2022 में निधि तिवारी ने पीएमओ में अवर सचिव के रूप में कदम रखा और जनवरी 2023 में उन्हें उप सचिव के पद पर पदोन्नति मिली। पीएमओ में रहते हुए उन्होंने ‘विदेश और सुरक्षा’ वर्टिकल में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसमें भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही। उनकी नियुक्ति को महिलाओं की बढ़ती प्रशासनिक भागीदारी के रूप में भी देखा जा रहा है। इससे पहले पीएम मोदी के निजी सचिव के रूप में विवेक कुमार और हार्दिक सतीशचंद्र शाह जैसे अधिकारी कार्य कर चुके हैं।’
निधि की नई भूमिका में उनकी जिम्मेदारियां व्यापक होंगी। वे पीएम के दैनिक कार्यक्रमों का प्रबंधन, गोपनीय संचार, और विदेश नीति से जुड़े मामलों में समन्वय करेंगी। साथ ही, वे पीएम की प्राथमिकताओं को लागू करने में भी सहायता करेंगी। उनकी नियुक्ति का स्तर वेतन मैट्रिक्स के लेवल-12 पर निर्धारित किया गया है, जो उनकी वरिष्ठता और जिम्मेदारी को दर्शाता है।
निधि तिवारी को 2016 में सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु अधिकारी के लिए अंबेसडर बिमल सान्याल मेमोरियल मेडल और सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र के लिए मेडल से भी सम्मानित किया गया था, जो उनकी शैक्षणिक और पेशेवर उत्कृष्टता का प्रमाण है। उनके इस नए पद पर पहुंचने से न केवल वाराणसी बल्कि पूरे देश में एक सकारात्मक संदेश गया है कि मेहनत और योग्यता के दम पर कोई भी ऊंचाइयों को छू सकता है।
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