भारत में हाईवे निर्माण को नई रफ्तार, नितिन गडकरी का 100 किमी प्रतिदिन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारत के बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। उन्होंने घोषणा की है कि देश में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की गति को मौजूदा स्तर से बढ़ाकर 100 किलोमीटर प्रतिदिन किया जाएगा। यह बयान 14 अप्रैल, 2025 को नई दिल्ली में एक समीक्षा बैठक के दौरान दिया गया, जिसमें सड़क परिवहन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। गडकरी ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए तकनीकी नवाचार, निजी क्षेत्र की भागीदारी और योजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन पर जोर दिया।
वर्तमान स्थिति और चुनौतियां
भारत में पिछले कुछ वर्षों में हाईवे निर्माण की गति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2014 में जहां प्रतिदिन औसतन 12-14 किलोमीटर हाईवे का निर्माण होता था, वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 30-35 किलोमीटर प्रतिदिन हो गया है। गडकरी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 12,330 किलोमीटर राजमार्गों का निर्माण और विस्तार किया जा चुका है, और मार्च 2025 तक इसे 15,000 किलोमीटर तक ले जाने का लक्ष्य है। हालांकि, 100 किलोमीटर प्रतिदिन का लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरी, और फंडिंग जैसी चुनौतियों को तेजी से हल करना होगा।
गडकरी का रोडमैप और रणनीति
गडकरी ने अपने विजन को स्पष्ट करते हुए कहा कि हाईवे निर्माण की गति बढ़ाने के लिए मंत्रालय कई स्तरों पर काम कर रहा है। सबसे पहले, डिजिटल तकनीक और ड्रोन मैपिंग का उपयोग कर परियोजनाओं की योजना और निगरानी को और सटीक किया जा रहा है। दूसरा, निर्माण कार्यों में देरी को कम करने के लिए ठेकेदारों और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा, निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए मंत्रालय ने कई प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की हैं, जैसे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) और टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (TOT) मॉडल।
गडकरी ने यह भी बताया कि मंत्रालय हरित और टिकाऊ निर्माण पर ध्यान दे रहा है। इसके तहत, सड़कों के निर्माण में प्लास्टिक कचरे का पुनर्चक्रण, फ्लाई ऐश का उपयोग, और सौर ऊर्जा से संचालित स्ट्रीट लाइट्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हम न केवल सड़कों का निर्माण कर रहे हैं, बल्कि पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।”
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
100 किलोमीटर प्रतिदिन के हाईवे निर्माण का लक्ष्य न केवल भारत के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास पर भी गहरा प्रभाव डालेगा। गडकरी ने कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क से माल और लोगों की आवाजाही तेज होगी, जिससे व्यापार, उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों से जोड़ने वाली सड़कों से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत का लक्ष्य 2030 तक अपनी सड़क अवसंरचना को विश्व स्तर पर अमेरिका और यूरोप के बराबर लाना है। इसके लिए भारत न केवल राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार कर रहा है, बल्कि एक्सप्रेसवे, तटीय सड़कों, और औद्योगिक कॉरिडोर पर भी काम कर रहा है। हाल ही में शुरू हुए भारतमाला परियोजना के तहत 34,800 किलोमीटर सड़कों का निर्माण और उन्नयन किया जा रहा है, जिसमें से 60% से अधिक काम पूरा हो चुका है।
राजनीतिक और जनता की प्रतिक्रिया
गडकरी के इस ऐलान को उद्योग जगत और जनता ने सकारात्मक रूप से लिया है। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) ने इसे “गेम-चेंजर” करार देते हुए कहा कि इससे भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। हालांकि, कुछ विपक्षी नेताओं ने इस लक्ष्य को “अवास्तविक” बताते हुए कहा कि बिना पर्याप्त बजट और संसाधनों के इसे हासिल करना मुश्किल होगा। कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने X पर लिखा, “गडकरी के इरादे अच्छे हैं, लेकिन 100 किमी प्रतिदिन का लक्ष्य तभी संभव है जब केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें।”
इसके जवाब में गडकरी ने कहा कि उनका मंत्रालय पहले ही इस लक्ष्य के लिए संसाधन जुटाने और नीतिगत सुधारों पर काम कर रहा है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि अगले दो वर्षों में भारत इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल करेगा।
आगे की राह
गडकरी ने अपने मंत्रालय को निर्देश दिया है कि अगले छह महीनों में सभी लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। इसके लिए मंत्रालय ने एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है, जो हर हफ्ते परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेगी। इसके अलावा, मंत्रालय ने राज्यों के साथ मिलकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए एक नई नीति तैयार की है, जिसे जल्द ही लागू किया जाएगा।
निष्कर्ष
नितिन गडकरी का 100 किलोमीटर प्रतिदिन हाईवे निर्माण का लक्ष्य भारत के बुनियादी ढांचे के लिए एक नया मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह न केवल भारत को आर्थिक रूप से मजबूत करेगा, बल्कि सामाजिक और क्षेत्रीय एकीकरण को भी बढ़ावा देगा। हालांकि, इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार, निजी क्षेत्र, और जनता के बीच एकजुट प्रयासों की जरूरत होगी।
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