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महाराणा प्रताप की वीरता से प्रेरित हुए छत्रपति शिवाजी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
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महाराणा प्रताप की वीरता से प्रेरित हुए छत्रपति शिवाजी, राजनाथ सिंह ने बताया इतिहास का सच”

 

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित एक समारोह में महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने देश के इतिहास में महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता को राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताया। सिंह ने कहा कि इन दोनों महान योद्धाओं ने न केवल देश की स्वतंत्रता और संस्कृति की रक्षा की, बल्कि एकता और समावेशिता का संदेश भी दिया।

 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में महाराणा प्रताप को साहस और देशभक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनकी वीरता ने छत्रपति शिवाजी महाराज को गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने बताया कि शिवाजी महाराज ने महाराणा प्रताप की गुरिल्ला युद्ध तकनीकों से प्रेरणा ली और इसे अपनी रणनीतियों में शामिल किया। सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि महाराणा प्रताप ने अपनी स्वतंत्रता और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए मुगल सम्राट अकबर की विशाल सेना के सामने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने हल्दीघाटी के युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि इस युद्ध में महाराणा ने अपनी सेना में आदिवासियों और मुस्लिम योद्धाओं को शामिल कर सामाजिक एकता का उदाहरण प्रस्तुत किया। हकीम खान सूरी जैसे मुस्लिम योद्धा ने महाराणा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी।

सिंह ने छत्रपति शिवाजी महाराज के योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि शिवाजी महाराज ने न केवल मराठा साम्राज्य की नींव रखी, बल्कि अपनी सेना में सभी समुदायों को एकजुट किया। उनके विश्वसनीय अंगरक्षक मदारि, जो एक मुस्लिम युवक थे, इसका जीवंत उदाहरण हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि दोनों ही योद्धा न तो इस्लाम विरोधी थे और न ही किसी धर्म के खिलाफ। उनकी लड़ाई विदेशी आधिपत्य और अत्याचार के खिलाफ थी।

सिंह ने स्वतंत्रता के बाद के इतिहास लेखन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वामपंथी विचारधारा से प्रभावित इतिहासकारों ने महाराणा प्रताप और शिवाजी महाराज को उचित सम्मान नहीं दिया, जबकि मुगल सम्राट औरंगजेब को महिमामंडित किया गया। उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू के हवाले से कहा कि नेहरू ने औरंगजेब को एक क्रूर और कट्टर शासक बताया था। सिंह ने दारा शिकोह का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने उपनिषदों का अनुवाद किया और सभी धर्मों का सम्मान किया, लेकिन औरंगजेब ने उनकी हत्या कर दी।

रक्षा मंत्री ने औरंगजेब को नायक मानने वालों की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसा करना न केवल देश का अपमान है, बल्कि भारत के मुस्लिम समुदाय का भी अपमान है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक की राजनीति के लिए बाबर, तैमूर और औरंगजेब जैसे आक्रांताओं की प्रशंसा करते हैं, जो कि निंदनीय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सभी भारतीयों को समान मानती है और धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करती। यह संस्कृति हमें हमारे पूर्वजों, शिवाजी महाराज और महाराणा प्रताप से विरासत में मिली है।

सिंह ने युवा पीढ़ी से अपील की कि वे महाराणा प्रताप और शिवाजी महाराज के जीवन से प्रेरणा लें। उन्होंने कहा कि ये वीर पुरुष केवल इतिहास की किताबों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे देशभक्ति और बलिदान के जीवंत प्रतीक हैं। समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे, जिन्होंने महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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Author: bharatkhabar

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